Action when you are scammed of Online Fraud Hindi

Action when you are scammed of Online Fraud Hindi

क्या करें अगर आप हो जाएं ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार 

आज के समय में बढ़ती और तेज गति से बदलती तकनीकी के कारण हमारी जिंदगी बहुत आसान हो गई है। इसलिए इसे तकनीकी युग भी कहा जाता है। आज हर व्यक्ति के लिए मोबाइल बैंकिंग, UPI, ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल मीडिया और डिजिटल पेमेंट्स ने हर काम को तेज और सुविधाजनक बना दिया है। लेकिन तकनीकी सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है।
आजकल मोबाइल या लैपटॉप में सिर्फ एक गलत क्लिक या एक फर्जी कॉल के कारण कुछ ही सेकंडों में लोगों के बैंक अकाउंट खाली हो रहे हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि हर व्यक्ति को ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में जानकारी हो कि यह कैसे होता है और अगर फ्रॉड हो जाए तो हमें तुरंत क्या कार्रवाई करनी चाहिए।

ऑनलाइन फ्रॉड क्या होता है?
ऑनलाइन फ्रॉड वह धोखाधड़ी है जिसमें किसी व्यक्ति से तकनीकी (इंटरनेट, मोबाइल, ईमेल, सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म) के माध्यम से बिना शारीरिक संपर्क में आए पैसा, जानकारी या डेटा चोरी किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बैंक अकाउंट से पैसा निकालना और व्यक्तिगत जानकारी का गलत उपयोग करना होता है।

ऑनलाइन फ्रॉड होने के मुख्य तरीके:-
1. Phishing
यह ऑनलाइन फ्रॉड का सबसे पुराना और आम तरीका है। इसमें फ्रॉड करने वाले व्यक्ति को SMS या WhatsApp पर एक लिंक भेजते हैं। यह लिंक बैंक, OTP, KYC अपडेट या लुभावने ऑफर जैसा दिखता है लेकिन जैसे ही व्यक्ति क्लिक करते हैं, उनकी जानकारी चोरी हो जाती है और वह ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बन जाता है।

2. OTP Fraud
ऑनलाइन फ्रॉड करने का यह तरीका भी आसान और आम है इसमें फ्रॉड करने वाला सामने वाले व्यक्ति को कॉल करके खुद को बैंक कर्मचारी बताता है और बैंक अकाउंट या एटीएम बंद होने की जानकारी देता है। फिर आगे प्रोसेस के नाम से OTP मांगता है। OTP बताते ही उसके बैंक अकाउंट से पैसे गायब हो जाते हैं। वह व्यक्ति ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाता है।

3. UPI Fraud
ऑनलाइन फ्रॉड करने का यह भी एक अनोखा तरीका है इसमें फ्रॉड करने वाला व्यक्ति किसी व्यक्ति को उसके परिवार के किसी सदस्य का दोस्त बताकर उधार लिए हुए रुपए वापस लौटाने के लिए UPI ID पर पैसा रिसीव करने के लिए request accept करने को कहता है और जैसे ही वह उसे approve करता है, उसके बैंक अकाउंट से पैसा कट जाता है। और वह ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाता है।

4. Fake Customer Care Scam
यह ऑनलाइन फ्रॉड करने का ऐसा तरीका है जिससे थोड़ा ध्यान देने से बचा जा सकता है लेकिन आसानी से पकड़ में नहीं आता है। इसमें Google पर नकली वेबसाइट बनाकर उस पर कस्टमर केयर सपोर्ट के लिए नकली नंबर डाल दिए जाते हैं और जब कोई उन नम्बर पर कॉल करता है तो ठग उनसे पैसे निकलवा देते हैं यह वेबसाइट बिल्कुल असली वेबसाइट जैसी दिखती हैं।

5. Social Media Scam
इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड में फ्राॅड करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Instagram / Facebook) पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती करते हैं और कुछ समय बाद कोई फर्जी निवेश के ऑफर देते हैं या कोई आपात स्थिति बताकर पैसे मांगते हैं।

6. Lottery / Prize Scam
इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड में फ्राॅड करने वाले किसी बैंक या कम्पनी के कर्मचारी बनकर काॅल करके बताते हैं कि आपका लकी ड्रॉ में नाम सलेक्ट हुआ है और आप 10 लाख या 20 लाख रुपए जीत लिए हैं। इसे अपने बैंक अकाउंट में लेने के लिए पहले आपको टैक्स या फीस जमा करनी होगी। लालच में आकर जिसने पैसा ट्रांसफर कर दिया वह ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाता है।

7. Job Fraud
यह भी ऑनलाइन फ्रॉडका एक पुराना तरीका है इसमें फ्रॉड करने वाले फर्जी नौकरी ऑफर भेजकर रजिस्ट्रेशन फीस मांगते हैं और पैसे मिलते ही वे लोग गायब हो जाते हैं इस तरह व्यक्ति ऑनलाइन फ्रॉड की शिकार बन जाते हैं।

8. Loan Fraud
इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड में फ्राॅड करने वाले बिना डाक्यूमेंट्स के कम ब्याज पर तुरंत लोन देने की बात करते हैं। और पहले processing fee ली जाती है।

9. Investment / Crypto Fraud
इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड में नकली ऐप्स या वेबसाइट बनाई जाती हैं और ज्यादा लाभ का झांसा देकर निवेश करवाया जाता है। बाद में वे वेबसाइट गायब हो जाती हैं। इस तरह लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बनाया जाता है।

10. Digital Arrest 
डिजिटल अरेस्ट ऑनलाइन फ्रॉड का एक नया तरीका है। इसमें फ्रॉड करने वाले व्यक्ति एक समूह के रूप में कार्य करते हैं। वे किसी व्यक्ति को विडियो काॅल करके उन्हें किसी अपराध में संलिप्त होने की जानकारी देकर डराते हैं। और ऐसा दर्शाते हैं कि उसे ऑनलाइन अरेस्ट कर लिया गया है। इस दौरान उसे काॅल ना काटने के लिए कहा जाता है। उस व्यक्ति को मानसिक रूप से इतना डरा दिया जाता है कि वह उस केस से नाम कटवाने के नाम पर पैसा भेज देता है। यह सेटअप बिल्कुल असली जैसा लगता है जिससे लोग ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बन जाते हैं।


ऑनलाइन फ्रॉड होने पर क्या करें?
अब हम यह जानेंगे कि अगर कभी किसी साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए, तो घबराने की बजाय सही समय पर सही कदम उठाने से पैसा वापस मिलने की संभावना बनी रहती है। ऑनलाइन फ्रॉड होने पर निम्नलिखित कार्यों को तुरंत करना जरूरी है:-
1. सबसे पहले तुरंत संबंधित बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके अपने बैंक अकाउंट को ब्लॉक करवाएं। इस कार्रवाई के लिए शुरू के 1-2 घंटे को Golden Hours कहा जाता है।
2. नेशनल साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके पूरी जानकारी दें। यहां ऑनलाइन फ्रॉड में गए हुए पैसों को तुरंत freeze करने की कोशिश की जाती है।
3. भारत सरकार के ऑफिशियल साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और अपनी ट्रांजैक्शन डिटेल्स दें।
4. नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं और सारे सबूत (SMS, screenshot, transaction) दें।
5. संबंधित बैंक में जाकर अपनी सारी जानकारी दें और आगे की प्रक्रिया में सहयोग करें।
6. अगर फ्राॅड UPI के माध्यम से हुआ है तो संबंधित प्लेटफॉर्म (Google Pay /Bhim / PhonePe / Paytm) में शिकायत करें।

ऊपर दी गई पूरी प्रक्रिया के लिए निम्नलिखित सबूतों का होना आवश्यक है:-
✔ Transaction ID
✔ SMS / Email
✔ WhatsApp chat
✔ Call recording
✔ Screenshot

ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के उपाय निम्नलिखित हैं:-
1. कभी भी किसी से OTP शेयर न करें, बैंक कभी OTP नहीं मांगते हैं।
2. किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें।
3. अपने पासवर्ड मजबूत रखें और 2-factor authentication ON रखें।
4. Google पर दिए गए नकली वेबसाइट और कस्टमर केयर नंबर से बचें।
5. अपने डिवाइस में सिर्फ ऑफिशियल ऐप्स का ही इस्तेमाल करें।
6. ज्यादा लुभावने और लाभ वाले ऑफर्स से बचना आवश्यक है।
7. किसी को भी वेरिफाई किए बिना किसी को पैसे न भेजें।
8. सोशल मीडिया पर बने मित्रों को अपनी जानकारी व पैसे देने से बचें।
9. डिजिटल अरेस्ट नहीं होता है ऐसी घटना होने पर धैर्य से काम लें।

ऑनलाइन फ्रॉड आज के समय की बहुत बड़ी डिजिटल समस्या बन चुकी है। लेकिन सही जानकारी और सावधानी से ऑनलाइन फ्रॉड से बचा जा सकता है। और अगर ऑनलाइन फ्रॉड हो भी जाए, तो तुरंत कार्रवाई करने से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

👉 “जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।”

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